झरिया : पाथरडीह थाना प्रभारी द्वारा षड्यंत्र के तहत झरिया के निजी चैनल पत्रकार अमित सिंह पर रंगदारी, हरिजन एक्ट सहित अन्य मामला में प्राथमिकी दर्ज करने का लगा आरोप, पत्रकार ने जिला प्रशासन से किया निष्पक्ष जांच की मांग।

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SR PRIME NEWS झरिया : पाथरडीह थाना प्रभारी उमेश मांझी के बौखलाहट के बाद और एक षड्यंत्र के तहत झरिया के एक निजी चैनल पत्रकार अमित सिंह पर रंगदारी हरिजन एक्ट सहित अन्य मामला में प्राथमिकी दर्ज किया गया। बताते चलें कि पाथरडीह थाना क्षेत्र के पाथरडीह कोल वाशरी साइडिंग मामले में जिंदल समर्थकों द्वारा मारपीट मामले को अमित सिंह ने लगातार समाचार प्रकाशित किया था। जिस मामले में डीएसपी सिंदरी के आदेश पर पाथरडीह थाना में 4 लोगों पर मामला दर्ज हुआ था।इस समाचार और अवैध कारोबार की लिखित शिकायत से बौखलाए पाथरडीह थाना प्रभारी उमेश मांझी ने प्रदीप हाड़ी के आवेदन पर अपने मन मुताबिक लिखवा कर एक साजिश के तहत पत्रकार अमित सिंह पर रंगदारी हरिजन एक्ट का मामला दर्ज किया जिस केस का अनुसंधान सिंदरी डीएसपी अभिषेक कुमार करेंगे। अमित सिंह ने इस पूरे मामले की जांच की मांग उपायुक्त धनबाद, नगर पुलिस अधीक्षक, सिंदरी डीएसपी और सेल महाप्रबंधक से की है और आरोप को बेबुनियाद और निराधार बताया है। अमित सिंह ने पत्र प्रेषित कर बताया कि सेल प्रबंधन के भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ लगातार समाचार प्रकाशित करने और आरटीआई के तहत सूचना मांगने से गुस्साए अधिकारियों ठेकेदार और स्थानीय प्रशासन के मिलीभगत से एक षड्यंत्र के तहत दबाव में आकर ठेका मजदूरों का सहारा लेकर और उनको दिग्भ्रमित करके उनके द्वारा कई आवेदन पाथरडीह पुलिस को दिया गया। जिसमें बताया गया हैं कि अमित सिंह 1 महीने से 40 मजदूरों को जबरन अपने घर में बुलाकर कार्य करवाते हैं और ₹500 महीना की रंगदारी ठेका मजदूरों से मांगते हैं और महिला मजदूर को भी घर बुलाते हैं। उसके बाद दूसरे आवेदन में सफाई ठेका मजदूर प्रदीप हाड़ी द्वारा आवेदन दिया जाता है कि नगर विभाग चास नला जो पाथरडीह थाना से महज कुछ ही दूरी पर है वहां पर पत्रकार अमित सिंह ने प्रदीप हाड़ी को जाति सूचक शब्द कहां और ₹500 महीना रंगदारी मांग की नहीं देने पर काम बंद करवाने की धमकी दी। झरिया में पत्रकारों ने बैठक कर आरोप को गलत बताया और न्याय संगत नहीं है। इससे पूर्व भी हाल में ही झरिया के एक पत्रकार को झूठे मामले में झरिया पुलिस द्वारा जेल भेजा गया इसमें वह बेल पर अभी बाहर है। अमित सिंह ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है और पाथरडीह पुलिस की भूमिका को गलत ठहराया।

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