प्लाज्मा डोनेट करने वालों को 5 हजार रुपये देने की तैयारी

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 सीरियस कोरोना पीड़ितों का होता है प्लाज्मा थेरेपी से इलाज

पटना: बिहार में कोरोना संक्रमितों के इलाज को लेकर प्लाज्मा दान करने वाले दाता (डोनर) को राज्य सरकार पांच हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया है।

स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह राशि वैसे प्लाज्मा डोनरों को दी जाएगी, जो स्वेच्छा से अपना प्लाज्मा लोकहित में कोरोना पीड़ित को दान करने के लिए सामने आएंगे। दरअसल, प्लाज्मा थेरेपी अति गंभीर कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए की जाती है। इस थेरेपी के तहत पूर्व में संक्रमित होकर स्वस्थ हो चुके मरीज द्वारा दिये गए रक्त से प्लाज्मा को अति गंभीर मरीजों के शरीर में चढ़ाया जाता है। इससे मरीज के शरीर में एंटीबॉडी का निर्माण होता है, जो कोरोना संक्रमण समाप्त करने में सहायक होता है। पटना एम्स में प्लाज्मा थेरेपी के माध्यम से इलाज की मंजूरी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर), नई दिल्ली ने प्रदान की है। इसके बाद प्लाज्मा दाताओं का निबंधन कर उनके सहयोग से संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

प्रोत्साहित करने की है योजना
प्लाज्मा थेरेपी के लिए प्लाज्मा दाताओं द्वारा रुचि नहीं लेने से उन्हें प्रोत्साहित करने की योजना बनायी जा रही है। इससे वैसे प्लाज्मा दाता जो कि आर्थिक रूप से कमजोर हैं और वे प्लाज्मा दान करना चाहते हैं उनकी रुचि लोकहित में मानवता की दृष्टि से जागेगी।

110 डोनरों ने अब तक दिया है प्लाज्मा
110 प्लाज्मा डोनरों ने अब तक पटना एम्स में प्लाज्मा दान किया है। इससे 58 अति गंभीर संक्रमित कोरोना मरीज का इलाज किया गया है। प्लाज्मा थेरेपी के इलाज से अब तक 34 अति गंभीर मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

रक्त से सिर्फ प्लाज्मा निकाल कर शेष रक्त प्लाज्मा डोनर के शरीर में वापस कर दिया जाता है। रक्त से डब्ल्यूबीसी और आरबीसी नहीं लिया जाता है। इससे प्लाज्मा डोनर को किसी तरह की परेशानी नहीं होती और न ही कमजोरी होती है।

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