बलियापुर : पहाड़पुर में सादगी से मानाया गया खेलाचंडी का मेला।

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SR PRIME NEWS बलियापुर : बलियापुर प्रखण्ड के पहाड़पुर गाँव में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए खेलाचंडी मेला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न गाँवों से श्रद्घालुओं ने अपने अपने मनौती के अनुसार तालाब से मिट्टी खोदकर फेका, तालाब से दण्डवत करते हुए पूजा स्थल तक गया। नारियल, बतासा, अगरबती से पूजा अर्चना किया। इसके साथ ही मेला का मुख्य आकर्षण  झारखंडी नृत्य नटुआ, और झुमर का आयोजन रहा। जैसा कि झारखंड के कृषक समुदायों के बीच मकर संक्रांति को साल का अंतिम दिन माना जाता है एवं माघ महीने के पहला दिन को हाल पुनइहा करके आखाइन परब मनाया जाता है तथा आदिवासी कुड़मी समुदाय द्वारा इस दिन को नववर्ष के रुप में मनाया जाता है। कृषक समुदाय नए साल के आगमन और फसलों के घर आने की खुशी में विभिन्न प्रकार के मेला, परब, त्यौहारों का आयोजन किया जाता है। जो महिनों भर विभिन्न स्थानों पर पहाड़ों, जंगलों, और नदियों पर  विभिन्न देवी देवताओं का प्राकृतिक रुप से सेवरन-पूजन किया जाता है तथा मेला लगाया जाता है। इसी संदर्भ में  बलियापुर प्रखंड के आमटांड़  में रतौड़ी मेला, प्रधानखन्ता में जियारी मेला, पहाड़पुर में खेलाचंडी मेला, तथा दूधिया गाँव मड़ई मेला और डांगापाड़ा भुस्काडांगा में भी ग्राम मेला का आयोजन किया जाता है। हमारे आदि पुरखों ने हजारों सालों तक जल, जंगल और जमीन में संघर्ष का अनुभव करते हुए अपना भाषा, संस्कृति और सभ्यता का विकास किया एवं विरासत में दिया। पुरखों का मिला एक धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत पहाड़पुर ग्राम में खेलाचंडी मेला के रुप में देखने को मिलता है। यह मेला माघ मास के तीन दिन में यानी अंग्रेजी 17-18 जनवरी को लगता है। बड़े बुजुर्ग ग्रामीणों के अनुसार यहां प्राकृतिक पत्थर का एक विशाल गुफा था, गुफा के बाहर एक विशाल पीपल का पेड़ था और एक पत्थर था जहां पर पूजा किया जाता था परन्तु कालांतर में स्वरुप बदला है लेकिन सांस्कृतिक मान्यता और महत्व वही है। इस अवसर पर महावीर महतो, सिदाम केटियार, अर्जुन महतो, हीरू चरण महतो, प्रदीप महतो, स्वपन कुमार महतो, विश्वजीत महतो, दुर्गा महतो, शंकर महतो, शत्रुधन महतो, पंकज महतो, किशोर महतो, गोलोक महतो, रामेश्वर महतो, बिपोती महतो, नारायण महतो, हिरन महतो, राखाल महतो, युधिष्ठिर कोड़ा, निवारण महतो, सुबल मरान्डी, राधु महतो, सागर महतो आदि उपस्थित थे।

सक्रिय नटवा नाच कलाकार में हरिकीस्टो महतो, मुकुरु प्रसाद महतो, रखो हरी महतो, नारायण महतो, अर्जुन महतो, भूपति महतो, सूजन महतो कर्मा गढ़िया से मेला
कृष्णा महतो पिता मंगरू महतो, रामकेश्वर महतो पिता आशु महतो, सुदर्शन महतो पिता अर्जुन महतो, कालू महतो पिता गोकुल महतो, सूजन महतो पिता स्वर्गीय अनु महतो, रामेश्वर आदी मौजूद रहें।

बलियापुर संवाददाता सदानन्द महतो।

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